~~~~~~~~~~~~ झूठा संसार ~~~~~~~~~~~~~
ज़िन्दगी लूटती रही , वो लुटाते रहे ...
कदम कदम पे , प्रेम का सागर बहाते रहे ...!
समझे नहीं इस बात को , ढोंगी भी है इस संसार में ...
फँसा रह गया पूरा जीवन उनका , फरेबी झूठे प्यार में ...!!
.............फरेबी झूठे प्यार में ..............
दानी बन कर दान किया , सबको अपना प्यार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------1
धोखा और फरेब का , चला अभी ये दौड़ है ...
ये सब तूने दे दिया , क्या देना कुछ और है ...?
अब पल पल का समय हमें , देता यही सन्देश है ...
अनुभव अपना बढ़ा लो , ये फरेबियों का देश है ...!!
चाँद रुपयों की खातिर यहाँ , बेचते अपना ईमान है ...
याद कर अपने रूप को तू , क्या वही इंसान है ...???
सूरत दिखती आईने में तेरी , कितनी भी धनवान है ...
आत्मा क्यों ..??. बोलती तेरी , तू इंसान नहीं हैवान है ...???
..........तू इंसान नहीं हैवान है ..............!!
कितनो ने तो प्रेम की खातिर , छोड़ा घर परिवार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------2
दुःख के जब बदल आये , फिर याद आये वो किनारे थे ...
उस संकट की घड़ी में , अपने भी हुए पराये थे ...
तेरे पास अाये थे वो , तुझे गले लगाने ...
तेरा अपना बन के , संकट को दूर भगाने ...
सोच में डूबे रह गए ,हमारे दानी महात्मा ...
क्या भूल गए आज वो पल , अरे ओ दुरात्मा ....???
....................अरे ओ दुरात्मा .............
विश्वाश कर के तुमपे उन्होंने , बांटा था अपना प्यार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------3
अभी भी समय है , बदल दे अपने स्वाभाव को ...
सहन नहीं कर पायेगा तू , प्यार के अभाव को ...
भूल नहीं इस बात को , तेरा भी एक दिन आएगा ...
प्यार की कमी तुझे , एक दिन जरूर रुलाएगा ...
मिलती नहीं कभी यहाँ , प्यार जैसी भीख ...
प्यार के बदले तू , प्यार देना सीख ...
लालच से दूर हट , तेरा भी मन हर्षायेगा ...
फिर एक ऐसा दिन होगा , तू महात्मा कहलायेगा ...
.................तू महात्मा कहलायेगा ............
आज उनके विचार भी , दे के गए हैं प्यार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------4
....................विपुल शरण श्रीवास्तव (~ विप्स ~)
ज़िन्दगी लूटती रही , वो लुटाते रहे ...
कदम कदम पे , प्रेम का सागर बहाते रहे ...!
समझे नहीं इस बात को , ढोंगी भी है इस संसार में ...
फँसा रह गया पूरा जीवन उनका , फरेबी झूठे प्यार में ...!!
.............फरेबी झूठे प्यार में ..............
दानी बन कर दान किया , सबको अपना प्यार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------1
धोखा और फरेब का , चला अभी ये दौड़ है ...
ये सब तूने दे दिया , क्या देना कुछ और है ...?
अब पल पल का समय हमें , देता यही सन्देश है ...
अनुभव अपना बढ़ा लो , ये फरेबियों का देश है ...!!
चाँद रुपयों की खातिर यहाँ , बेचते अपना ईमान है ...
याद कर अपने रूप को तू , क्या वही इंसान है ...???
सूरत दिखती आईने में तेरी , कितनी भी धनवान है ...
आत्मा क्यों ..??. बोलती तेरी , तू इंसान नहीं हैवान है ...???
..........तू इंसान नहीं हैवान है ..............!!
कितनो ने तो प्रेम की खातिर , छोड़ा घर परिवार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------2
दुःख के जब बदल आये , फिर याद आये वो किनारे थे ...
उस संकट की घड़ी में , अपने भी हुए पराये थे ...
तेरे पास अाये थे वो , तुझे गले लगाने ...
तेरा अपना बन के , संकट को दूर भगाने ...
सोच में डूबे रह गए ,हमारे दानी महात्मा ...
क्या भूल गए आज वो पल , अरे ओ दुरात्मा ....???
....................अरे ओ दुरात्मा .............
विश्वाश कर के तुमपे उन्होंने , बांटा था अपना प्यार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------3
अभी भी समय है , बदल दे अपने स्वाभाव को ...
सहन नहीं कर पायेगा तू , प्यार के अभाव को ...
भूल नहीं इस बात को , तेरा भी एक दिन आएगा ...
प्यार की कमी तुझे , एक दिन जरूर रुलाएगा ...
मिलती नहीं कभी यहाँ , प्यार जैसी भीख ...
प्यार के बदले तू , प्यार देना सीख ...
लालच से दूर हट , तेरा भी मन हर्षायेगा ...
फिर एक ऐसा दिन होगा , तू महात्मा कहलायेगा ...
.................तू महात्मा कहलायेगा ............
आज उनके विचार भी , दे के गए हैं प्यार ...
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???
बदले में क्या दिया उनको , तूने झूठा संसार ...???----------------4
....................विपुल शरण श्रीवास्तव (~ विप्स ~)