` ~~~~~कलाम तुम्हे सलाम~~~~~
पृथ्वी की धुल
भरी गोद में , सबकी
तरह जन्मने वाला ...
बाधाओ की सीमाओं
को लाँघ के , अग्नि
की उड़ान भरने
वाला ...
पृथ्वी ,अग्नि , त्रिशूल , आकाश
, और नाग से
मिला जिन्हे , मिसाइल मैन
का ताज़...
उस महाज्ञानी अब्दुल कलाम
के रूप का
, बूझ गया सितारा आज
...
राष्ट्रहित
पे मरने वाला , राष्ट्रपति
कहलाया एक दिन
...
संकल्प जो लिया
था तुमने , कैसे पूरा
होगा तुम बिन
...
वो खुदा रुपी
जौहरी का तराशा
हुआ हीरा , जिसपे पूरे
भारतवर्ष को
है नाज़
...
उस महामहीम दिग्गज
कलाम के रूप
का , बूझ गया
सितारा आज ...
विश्वजगत पे
हावी हुए जो , बन
के पूरे भारत की
आवाज़ ...
उस विज्ञान के संचालक
, वैज्ञानिक रुपी कलाम
का बूझ गया
सितारा आज ...
जिसने भारत की
गरिमा को , अपने
ज्ञान से संवारा
...
जिसने भारत के
गौरव को , अपने
पहचान से निखारा...
उस विज्ञान के पुजारी
को आज , शत
शत नमन हमारा
... शत शत नमन
हमारा ...
हे राष्ट्र गौरव , हे भारत
रत्न , आज
तुम्हारी विदाई में , अपनी
श्रद्धांजली अर्पित करता हूँ
...
लिए प्रखर संकल्प ह्रदय
में , अपना
सर्वस्व समर्पित करता हूँ
...
स्वीकार करो ये प्रेम
हमारा , हम अब
वादा निभाएंगे ...
सपने जो आपने
दिखाए हैं , हम संपूर्ण
भारत बनाएंगे ...
आज पूरे भारत
वर्ष की तरफ
से , विपुल की
कलम से ,
और आपके चहेते
उन सारे युवा
प्रतिभा , बाल प्रतिभा
, भारतीय सेना ,
राजनेताओं और पूरे विज्ञान
की तरफ से
.... सिर्फ एक वाक्या
......
........................" कलाम तुम्हे
सलाम
".......................
.... विपुल शरण ....