~~~~~~ एक दोस्त की विनती ~~~~~~~
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ... !
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
सायद आपको पता नहीं , हो जान आप हमारे ...!
कितना रुठोगे मुझसे , अब मान भी जाओ प्यारे ...!!
दे दो मुझे सजा , जो आप के मन भाये ...!
बिन माफ़ी के ये दोस्त , कही ऐसे ही न मर जाये ...!!
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ...!
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
इस अज़ीज़ दोस्त को , और कितना आप सताओगे ...!
एक छोटी सी गलती की माफ़ी , क्या आज न दे पाओगे ...?...!!
वडा है मेरा आपसे , ये गलती न दोहराऊंगा ...!
एक बार माफ़ी देदो , फिर से न रुलाऊँगा ...!!
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ... !
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
हर राह में चाहिए , मुझे आपका साथ ...!
आप न होंगे तो , भटक जायेंगे ये हाथ ...!!
सिर्फ आपके साथ ही दोस्त , मंज़िल मुझे पानी है ...!
आपकी हमारी दोस्ती की , यही एक कहानी है ...!!
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ... !
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
...............विपुल शरण श्रीवास्तव (~ विप्स ~)
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ... !
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
सायद आपको पता नहीं , हो जान आप हमारे ...!
कितना रुठोगे मुझसे , अब मान भी जाओ प्यारे ...!!
दे दो मुझे सजा , जो आप के मन भाये ...!
बिन माफ़ी के ये दोस्त , कही ऐसे ही न मर जाये ...!!
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ...!
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
इस अज़ीज़ दोस्त को , और कितना आप सताओगे ...!
एक छोटी सी गलती की माफ़ी , क्या आज न दे पाओगे ...?...!!
वडा है मेरा आपसे , ये गलती न दोहराऊंगा ...!
एक बार माफ़ी देदो , फिर से न रुलाऊँगा ...!!
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ... !
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
हर राह में चाहिए , मुझे आपका साथ ...!
आप न होंगे तो , भटक जायेंगे ये हाथ ...!!
सिर्फ आपके साथ ही दोस्त , मंज़िल मुझे पानी है ...!
आपकी हमारी दोस्ती की , यही एक कहानी है ...!!
गलती अपने दिल से , आज मैंने मानी है ... !
आज आपको मानाने को , मैंने मन में ठानी है ...!!
...............विपुल शरण श्रीवास्तव (~ विप्स ~)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें