~~~~~ दिल्लगी ~~~~~
दिल्लगी में मैं उनके मरता रहा ...
मन ही मन मैं उनसे प्यार करता रहा ...
कही खो न दू एक अच्छी दोस्त ...
इसी दर से उनसे कहने को डरता रहा ...!!!
काश की वो हमें भी पढ़ पाते ...
हम भी उनके प्यार में आगे बढ़ पाते ...
इश्क़ की सीढियाँ चढ़नी आती नहीं मुझे ...
अगर होता हाथो में हाथ उनका ,
तो उन सीढ़ियों को भी हम आसानी से चढ़ जाते ....!!!
बचपन की वो यादें , वो पल मस्ताने ...
मैं तो तभी से था शामिल उनमे ,
जिनमे होते उनके दीवाने ....
मेरे चाहत की गहराई को , तब नहीं उन्होंने जाना ...
पता नहीं किसको , तब उन्होंने अपना माना ...???
जैसी चाहे मज़बूरी हो , चाहे जितनी भी दुरी हो ...
सिर्फ एक ही इक्षा जाहिर है ...भगवान तुम्हारे चरणो में ...
उनकी सारी मांगे पूरी हो ...
उनकी सारी मांगे पूरी हो ...
.................आपका ~ विप्स ~
दिल्लगी में मैं उनके मरता रहा ...
मन ही मन मैं उनसे प्यार करता रहा ...
कही खो न दू एक अच्छी दोस्त ...
इसी दर से उनसे कहने को डरता रहा ...!!!
काश की वो हमें भी पढ़ पाते ...
हम भी उनके प्यार में आगे बढ़ पाते ...
इश्क़ की सीढियाँ चढ़नी आती नहीं मुझे ...
अगर होता हाथो में हाथ उनका ,
तो उन सीढ़ियों को भी हम आसानी से चढ़ जाते ....!!!
बचपन की वो यादें , वो पल मस्ताने ...
मैं तो तभी से था शामिल उनमे ,
जिनमे होते उनके दीवाने ....
मेरे चाहत की गहराई को , तब नहीं उन्होंने जाना ...
पता नहीं किसको , तब उन्होंने अपना माना ...???
जैसी चाहे मज़बूरी हो , चाहे जितनी भी दुरी हो ...
सिर्फ एक ही इक्षा जाहिर है ...भगवान तुम्हारे चरणो में ...
उनकी सारी मांगे पूरी हो ...
उनकी सारी मांगे पूरी हो ...
.................आपका ~ विप्स ~
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