शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

================ 2015 की यादें ===============

================ 2015 की यादें ===============
दौड़ा दौड़ा थक गया , समय समय का डाल
घटनाओं का चक्र पिरोये , बीता पिछला साल ।
चलो एक बार चक्र घुमाये , कुछ पुरानी यादें दोहराएँ ,
याद करे कुछ बीते पल , कुछ खट्टे कुछ मीठे पल ।
एक छोटी सी आँधी आयी  , बिहार चुनाव की क्रांति लायी
महागठबंधन की शक्ति , नितीश कुमार को वापस लायी ।
पीएम मोदी का सपना , होता कुछ साकार दिखा ,
मेक इन इंडिया की नीति ने , अपना सही आकार लिया ।
सहिष्णुता – असहिष्णुता की बहस ने जहां , पूरे समाज को निचोड़ दिया
प्रधान मंत्री की विदेश यात्राओं ने , वहीं अलग एक मोड़ लिया ।
जहां हार्दिक के होड़ से  , गूंज गया गुजरात ,
वही केजरीवाल ने वापस आके , छेड़ी फिर से अपनी बात ।
इबोला वाइरस से मुक्ति , ये बोलबाला बरकरार रखा ,
डेंगू के मच्छर ने भी , आखिरकार हथियार रखा ।
ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जहां , पाँचवी बार विश्व कप अपने नाम किया ,
वही वीरू जैसी हस्ती ने , खुद को है आराम दिया ।
मूलतान के इस सुल्तान की , विदाई के ये वर्ष रहा,
अफ्रीकियों पे टेस्ट विजय , इस साल सहर्ष रहा ।
जहां नेपाल के भूकंप और चेन्नई के बाढ़ ने , कितने इरादे तोड़े  हैं ,
वहीं कुछ लोकप्रिय चेहरो ने  , अटूट बंधन जोड़े  हैं ।
अग्नि-5 का सफल परीक्षण , पृथ्वी-2 के संग हुआ ,
दुश्मनों के चाल का ,  ये रंग भी  बेरंग हुआ ।
जहां सुखद एहशाश हुआ  , केप्लर444 को पाने मे ,
वही दुख के आंशू भी छलके , अपनों को गँवाने में ।
जहां आर के लक्ष्मण जैसी , हस्ती को हमने खोया है  ,
वहीं प्यारे कलाम साहब की , यादों मे हमने रोया है  ।
बॉलीवुड के मंच पे भी हुई , खूब ड्रामेबाजी ,
बाहुबली के बाहुबल ने , सब को कर लिया राज़ी ।
कटप्पा का किरदार आखिर, छोड़ गया एक संशय ,
देखना अब ये है , किसकी होती है विजय ।
बजरंगी भाईजान ने सिखायी , हम सब को एक सीख है ,
मिल जुल के रहना सीखो , हम भारतीयों की ये चीख है ।
जन धन की योजना भी , बखूबी रंग लायी ,
गिनीज़ बूक के वर्ल्ड रेकॉर्ड में , जाके है  समायी ।
जहां मलाला के मशाल ने , एक अलग ज्योत जलायी ,
वहीं सत्यार्थी के तथ्यों ने , नोबेल की जीत दिलायी ।
जहां डिजिटल इंडिया की पहल ने , दी है एक ठोश शुरुआत,
वहीं मोदी जी के मंत्रों ने , बढ़ाये खूब निर्यात ।
जहां सेल्फी के आईने मे , नूर पूरा वेश हुआ ,
वहीं आईफोन और विंडोज के मद मे , चूर पूरा देश हुआ ।
साल 2015 की गलतियों को , आज आओ लिख लें ,
कुछ अच्छी कुछ बुरी बातों की , यादों से हम सीख लें ।
नए समय में हो आपके घर में , खुशियाँ बेमिशाल
आओ मिल के जीते हैं हम , अपना अगला साल ।।
नव वर्ष मंगलमय हो .......... आप सभी को नव वर्ष 2016 की हार्दिक शुभकामनायें ।
                                           लेखक :- विपुल शरण श्रीवास्तव (~ विप्स ~)

   








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