~~~~~ २०१३ की यादें ~~~~~~
दिन बीते समय बीते , बीता पिछला साल …
यादों की बारिश में अब , मिलाने होंगे ताल … ।
किसी के हक़ में जीत आयी , तो किसी को मिली हार …
किसी ने किया नया आगाज़ , तो किसी की टूटी तार । ।
कहीं सच्चाई का असर दिखा , तो कहीं लोकप्रियता के भाषण …
दिल्ली के रंग -रूप बदले , प्रत्यक्ष हुए सारे कारण .... ।
राजनीती के मंच पे , खूब टूटे रिश्ते नाते है …
देखना है अब कश्मे वादे , कितना असर दिखाते हैं … । ।
जनता कि सेवा की खातिर , त्याग नौकरी बढ़ाते चले चाल …
सफलता की पहली सीढ़ी , चढ़ गए केजरीवाल … ।
मोदी के मद में चूर , हुआ पूरा भारतवर्ष है …
उम्मीद की एक किरण ने लोगों में , भरा उल्लाश और हर्ष है … । ।
कांग्रेस की पार्टी ने भी , अपने हीरे को तराशा है …
राहुल की युवा शक्ति ने इस बार , खेला अपना पाशा है … ।
बॉलीवुड की फिल्मों ने , खूब रेकॉर्ड्स तोड़े हैं …
निर्माताओं की चेन्नई से खुली एक्सप्रेस ने , पैसे खूब बटोरे हैं … । ।
सुपरमैन क्रृष ने भी , दिखाया अपना दम-ख़म है …
लोकप्रियता साबित करके बताया , हम नहीं किसी से कम हैं … ।
फिर आमिर के स्टंट्स ने , धूम खूब मचाई है ...
बॉलीवुड प्रेमीयों के दिल में , अपनी जगह बनाई है … । ।
जहां बिगबॉस के ख़िताब को , गौहर ने अपनाया है …
वही कपील की कॉमेडी ने , सबको खूब हंसाया है … ।
जहां ऋतिक -सुज़ेन का , छूटा हाथों से हाथ है …
वही फाहरुख शेख जैसी हस्ती से , बिछड़ा अपना साथ है … । ।
धोनी ब्रिगेड ने जहा चैम्पियंस ट्रॉफी , किया अपने नाम है …
कह के क्रिकेट को बाय-बाय सचिन ने , खुद को दिया आराम है … ।
जहा उत्तराखण्ड में बाढ़ ने , है अपना कहर बरपाया …
फैलिन ने फिर से आ के , उसी कोशिश को दुहराया … । ।
जहा देवयानी मामले ने , अमेरीका से रिश्ता कमजोर किया …
वही नालसेन मण्डेला जैसी हस्ती ने , इस दुनिया को छोड़ दिया … ।
जहा रासन और प्याज के कीमतों में , अजीब उछाल आई …
वही सेंसेक्स कि दुनिया में भी , खूब गिरावट आई .... । ।
रघुराम राजन ने आ के , जगाई एक आशा है …
गिरते रूपये को उठाना , उनकी यही अभिलाषा है … ।
इतने अरसों बाद जगे भारत को , फिर से नहीं सुलाना है …
जन -जन में यह संकेत , बिजली की तरह फैलाना है … । ।
भारत माँ के मस्तक को , और ऊँचा उठाना है …
एक भारतीय के शक्ति का , एह्शाश सब को दिलाना है …
भाँडा फोर के भ्रस्टाचारियों के , पूरी काली दाल का … ।
आओ मिल के स्वाद चखे , तरो-ताज़ा नये साल का … । ।
……… नव - वर्ष मंगलमय हो ………
लेखक -------------- विपुल शरण श्रीवास्तव (~विप्स ~)
दिन बीते समय बीते , बीता पिछला साल …
यादों की बारिश में अब , मिलाने होंगे ताल … ।
किसी के हक़ में जीत आयी , तो किसी को मिली हार …
किसी ने किया नया आगाज़ , तो किसी की टूटी तार । ।
कहीं सच्चाई का असर दिखा , तो कहीं लोकप्रियता के भाषण …
दिल्ली के रंग -रूप बदले , प्रत्यक्ष हुए सारे कारण .... ।
राजनीती के मंच पे , खूब टूटे रिश्ते नाते है …
देखना है अब कश्मे वादे , कितना असर दिखाते हैं … । ।
जनता कि सेवा की खातिर , त्याग नौकरी बढ़ाते चले चाल …
सफलता की पहली सीढ़ी , चढ़ गए केजरीवाल … ।
मोदी के मद में चूर , हुआ पूरा भारतवर्ष है …
उम्मीद की एक किरण ने लोगों में , भरा उल्लाश और हर्ष है … । ।
कांग्रेस की पार्टी ने भी , अपने हीरे को तराशा है …
राहुल की युवा शक्ति ने इस बार , खेला अपना पाशा है … ।
बॉलीवुड की फिल्मों ने , खूब रेकॉर्ड्स तोड़े हैं …
निर्माताओं की चेन्नई से खुली एक्सप्रेस ने , पैसे खूब बटोरे हैं … । ।
सुपरमैन क्रृष ने भी , दिखाया अपना दम-ख़म है …
लोकप्रियता साबित करके बताया , हम नहीं किसी से कम हैं … ।
फिर आमिर के स्टंट्स ने , धूम खूब मचाई है ...
बॉलीवुड प्रेमीयों के दिल में , अपनी जगह बनाई है … । ।
जहां बिगबॉस के ख़िताब को , गौहर ने अपनाया है …
वही कपील की कॉमेडी ने , सबको खूब हंसाया है … ।
जहां ऋतिक -सुज़ेन का , छूटा हाथों से हाथ है …
वही फाहरुख शेख जैसी हस्ती से , बिछड़ा अपना साथ है … । ।
धोनी ब्रिगेड ने जहा चैम्पियंस ट्रॉफी , किया अपने नाम है …
कह के क्रिकेट को बाय-बाय सचिन ने , खुद को दिया आराम है … ।
जहा उत्तराखण्ड में बाढ़ ने , है अपना कहर बरपाया …
फैलिन ने फिर से आ के , उसी कोशिश को दुहराया … । ।
जहा देवयानी मामले ने , अमेरीका से रिश्ता कमजोर किया …
वही नालसेन मण्डेला जैसी हस्ती ने , इस दुनिया को छोड़ दिया … ।
जहा रासन और प्याज के कीमतों में , अजीब उछाल आई …
वही सेंसेक्स कि दुनिया में भी , खूब गिरावट आई .... । ।
रघुराम राजन ने आ के , जगाई एक आशा है …
गिरते रूपये को उठाना , उनकी यही अभिलाषा है … ।
इतने अरसों बाद जगे भारत को , फिर से नहीं सुलाना है …
जन -जन में यह संकेत , बिजली की तरह फैलाना है … । ।
भारत माँ के मस्तक को , और ऊँचा उठाना है …
एक भारतीय के शक्ति का , एह्शाश सब को दिलाना है …
भाँडा फोर के भ्रस्टाचारियों के , पूरी काली दाल का … ।
आओ मिल के स्वाद चखे , तरो-ताज़ा नये साल का … । ।
……… नव - वर्ष मंगलमय हो ………
लेखक -------------- विपुल शरण श्रीवास्तव (~विप्स ~)
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